Friday, 20 June 2014

Sirf Tum...

ज़ख्मो को मरहम मिला,
दर्दो को दिलाशा,
टूटे दिल को कुछ न मिला
जैसे बिखरा हुआ टुटा शीशा,
देख मत उन टुकड़ों को,
नज़र आयेंगे तेरी यादें,
बसाये कुछ बातें।
ऐ जानेमन!
कुछ देर तो ठहर
सुन ले ज़रा मेरी ज़ुबानी,
तुम याद आती हो हर पहर।